History

लाहोर के शीश महल का इतिहास | Sheesh Mahal Lahore History

ETEditorial TeamJanuary 11, 20181 min read
Updated: February 11, 2019

Sheesh Mahal Lahore

1631-32 के दौरान मुग़ल साम्राज्य के सम्राट शाहजहाँ के काल में बनाया गया Sheesh Mahal – शीश महल जो लाहोर किले के उत्तर पश्चिमी कोने के शाह बुर्ज के विभाग में स्थित है। अलंकृत सफ़ेद संगमरमर मंडप पित्रा दुरा और जटिल दर्पण के साथ अच्छी गुणवत्ता के साथ काम करता है।

क्रमश मुग़ल सम्राटो ने लाहोर किले के अन्दर बनाए 21 स्मारकों में से ये एक स्मारक है और इसलिए ये महल “किले के मुकुटो का गहना” बन गया है। लाहोर किले के परिसर का भाग होने के कारण सन 1981 से यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में इसे शामिल किया गया।

Sheesh Mahal शीश महल का इतिहास – Sheesh Mahal Lahore History

इस किले की ठोस नीव मुग़ल के महान सम्राट अकबर के समय सन 1566 में कीचड़ के किले रूप में नीव रखी गयी थी। फतेहपुर सिकरी के निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद एक नया किला बनाने के लिए अनुभवी कारीगरों को बुलाया था।

बाद में शाहजहाँ ने इस किले को एक आनंदी स्थान के रूप में परिवर्ती कर दिया और इसमें नौलखा मंडप, दीवान ए खास, मोती मस्जिद, नींद के कक्ष और शीश महल को भी इसमें शामिल कर दिया। शीश महल शाह बुर्ज (राजा का मंडप) के विभाग में स्थित है जो की उसके पूर्ववर्ती जहागीर ने बनाया था।

कक्ष का विशेष रूप से निजी परिषदों की बैठकों के लिए इस्तेमाल किया जाता था और दूसरी तरफ़ उस दुसरे विभाग में केवल राजकुमार, वजीर और चयनित दरबारियों को आने की अनुमति थी।

शाहजहाँ द्वारा निजी निवास स्थान के विस्तार का कार्य 1628 और 1634 के बिच जारी रहा। विशिष्ट शाहजहानी वास्तुकला सफ़ेद संगमरमर को व्यापक इस्तेमाल में दीखता है।

सिख साम्राज्य के दौरान रणजीत सिंह का शाह बुर्ज पसंदीदा स्थान था। उसने शीश महल के ऊपर एक अंत: पुर बनाया था। इस जगह पर वो अपने प्रतिष्टित कब्जे को यानि कोहिनूर को प्रदर्शित करने के लिए इस्तेमाल करता था।

संरक्षण

1904-05 में इसके वरांडा की छत टूटकर अलग हो गयी थी, जिसके कारण अंदरूनी लकड़ी के छत का क्षय हो गया था। ऐसे समय 1927 में अंग्रेज सरकार के पुरातत्व विभाग ने इसके मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया था। 1960 के दौरान भी इसकी मरम्मत के कुछ काम किए गए।

पाकिस्तान के पुरातत्व विभाग ने प्राचीन वस्तुए अधिनियम के तहत शीश महल को संरक्षित स्मारक की सूचि में शामिल किया था। 1981 में इसे एक लाहोर किले के परिसर के रूप में इसे यूनेस्को के विश्व धरोहर की सूचि में शामिल किया था।

2006 तक इसकी छत की समस्या को व्यापक रूप से सुलझाया नहीं गया था और बाद में इसको बहाल कर दिया गया था।

Read More:

I hope these “Sheesh Mahal Lahore history information in Hindi” will like you. If you like these “Sheesh Mahal history” share on whatsapp & then please like our facebook page.

Turn reading into skillsCertificate courses in AI, Data Science and programming.
Explore Courses

Leave a Comment